रेखा आर्या और सुबोध उनियाल का जलवा बरकरार, मुख्यमंत्री का मंत्रियों पर भरोसा, नहीं बदले गए विभागों के पोर्टफोलियो।
मुख्यमंत्री का मंत्रियों पर भरोसा बरकरार; रेखा आर्या और सुबोध उनियाल के विभागों में कोई फेरबदल नहीं!
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और सुबोध उनियाल के विभागों में कोई फेरबदल नहीं, प्रदर्शन और अनुभव पर लगी मुहर।
उत्तराखंड कैबिनेट में फिर चला रेखा आर्या और सुबोध उनियाल का जादू, विभाग यथावत।
कैबिनेट मंत्रियों के विभागों में फेरबदल की अटकलों पर लगा विराम; रेखा आर्या और सुबोध उनियाल का कद बरकरार
देहरादून:- उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट फेरबदल और विभागों के बंटवारे को लेकर चल रही तमाम चर्चाओं पर आज पूर्ण विराम लग गया है। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों की कार्यकुशलता और उनके अनुभवों पर भरोसा जताते हुए कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और सुबोध उनियाल के विभागों में किसी भी प्रकार का बदलाव न करने का निर्णय लिया है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी मंत्री धन सिंह रावत से हटाकर सुबोध उनियाल को दी गयी है।
अटल विश्वास और निरंतरता का संदेश
शासन द्वारा जारी सूचना के अनुसार, दोनों मंत्रियों के पास उनके वर्तमान विभाग यथावत बने रहेंगे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मुख्यमंत्री ने यह फैसला राज्य में चल रही महत्वपूर्ण विकास योजनाओं की निरंतरता को बनाए रखने के लिए लिया है।
*परफॉर्मेंस और स्टेबिलिटी को प्राथमिकता*
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने यह निर्णय मंत्रियों के पिछले कार्यकाल के प्रदर्शन और उनके विभागों में चल रही महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति को देखते हुए लिया है। विभागों के आवंटन में यथास्थिति बनाए रखने का मुख्य उद्देश्य विकास कार्यों में निरंतरता (Continuity) बनाए रखना है, ताकि किसी भी प्रशासनिक फेरबदल के कारण जनकल्याणकारी योजनाएं प्रभावित न हों।
*मंत्री रेखा आर्या को महिला सशक्तिकरण और खेल क्षेत्र में सक्रियता का इनाम*
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पास महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले तथा खेल एवं युवा कल्याण जैसे महत्वपूर्ण विभाग बने रहेंगे। हाल के वर्षों में ‘नंदा गौरा योजना’ और ‘मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट’ जैसी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन और राज्य में खेल सुविधाओं के विस्तार (विशेषकर प्रस्तावित खेल विश्वविद्यालय) में उनकी सक्रिय भूमिका को देखते हुए उनके कद को यथावत रखा गया है।
*सुबोध उनियाल का अनुभव और प्रशासनिक पकड़ बरकरार*
वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के पास वन, भाषा, निर्वाचन एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी बनी रहेगी। साथ ही उन्हें स्वास्थ्य विभाग की भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। वन संरक्षण, वनाग्नि प्रबंधन और चारधाम यात्रा के दौरान वन विभाग की संवेदनशील भूमिका के प्रबंधन में उनके लंबे अनुभव को सरकार ने काफी अहम माना है। साथ ही, तकनीकी शिक्षा में सुधार के उनके प्रयासों को भी इस निर्णय का आधार माना जा रहा है।
*राजनीतिक मायने*
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस फैसले से सरकार ने एक स्पष्ट संदेश दिया है कि जो मंत्री धरातल पर परिणाम दे रहे हैं, उनके कार्यक्षेत्र में हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा। यह निर्णय आगामी विकास लक्ष्यों और प्रशासनिक स्थिरता की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विभागों में बदलाव न होने की पुष्टि के बाद दोनों मंत्रियों के समर्थकों और कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। वहीं मंत्रियों का कहना है कि वे मुख्यमंत्री के इस भरोसे पर खरा उतरते हुए अपने विभागों के माध्यम से जनहित के कार्यों को और अधिक गति प्रदान करेंगे।



